सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक़, अमरीकी नौसेना ने इस परीक्षण के फ़ोटो और वीडियो जारी किए हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि एक यूएसएस पोर्टलैंड युद्धपोत से निकलने वाली हाई-एनर्जी क्लास सॉलिड-स्टेट लेज़र एक ड्रोन विमान में नष्ट कर देती है।
तस्वीरों में युद्धपोत के डेक से निकलने वाली लेज़र को देखा जा सकता है, जो ड्रोन को निशाना बनाती है और उसके बाद आसमान में ड्रोन आग के शोले में बदल जाता है।
अमरीका ने इस लेज़र हथियार के परीक्षण की सटीक लोकेशन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई है। बयान में सिर्फ़ इतना कहा गया है कि यह 16 मई को प्रशांत क्षेत्र में किया गया है।
इस नए हथियार की शक्ति और मारक क्षमता के बारे में भी अधिक जानकारी नहीं दी गई है, हालांकि इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ की 2018 की रिपोर्ट में कहा गया था कि इसमें 150 किलोवाट के लेज़र होने की उम्मीद है।
पोर्टलैंड के कमांडिंग ऑफ़िसर कैप्टन कैर्री सैंडर्स का कहना है कि इस नई आधुनिक क्षमता के साथ, हम समुद्र में युद्ध की नई परिभाषा लिख रहे हैं।
अमरीका का कहना है कि लेज़र जिसे निर्देशित ऊर्जा हथियार (DEW) कहते हैं, ड्रोन या सशस्त्र छोटी नौकाओं के ख़िलाफ प्रभावशाली हथियार हो सकता है।
अमरीका की पैसिफ़िक फ़्लीट के एक बयान के मुताबिक़, अमरीकी नौसेना 1960 के दशक से लेज़र सहित ऊर्जा हथियारों का उत्पादन कर रही है